इंटरनेट क्या है इंटरनेट कैसे काम करता है

इंटरनेट क्या है

Internet  एक अन्तर्राष्टीय global  स्तर तक फैला हुआ network (महाजाल) हें जिसका इस्तेमाल बहुत बड़े स्तर पर  एक दुसरे से इनफार्मेशन शेयर करने के लिए तथा कम्युनिकेशन (बातचीत) करने के लिए करते हें इंटरनेट नेटवर्क ने पुरे विश्व को एक साथ जोड़ दिया हें

आपने देखा होगा कैसे विश्व के किसी भी कोने में घटने वाली कोई घटना internet के जरिये कैसे पुरे वर्ल्ड में कुछ ही मिनट में फैल जाती हेंहम सभी लोग आजकल internet का यूज़ करते हें चलिए internet के बारे में अधिक जानकारी लेते हें

इंटरनेट की शुरुआत कैसे हुई

पहला computer नेटवर्क system बनाने का श्रेय U.S Department of Defence के दुआरा सन 1969 में स्थापित की गयी कम्पनी Advanced Research Project Agency (ARPA) को जाता हें जिसने सबसे पहले एक computer को network  दुआरा दुसरे कंप्यूटर से जोड़ा

जिसके कारण ARPA को ही ARPANET  कहा जाने लगा .

ARPANET ने दो कंप्यूटर के बीच डाटा ट्रान्सफर करने के लिए सबसे पहले Packet Switching Technology का इस्तेमाल किया

लगातार चल रही रिसर्च में ARPANET और computer science के field में काम कर रहे Researchers ने सन 1970 में नेटवर्क के प्रभावी ढ़ंग से काम करने के लिए protocols develop किये जिससे बहुत सारे अलग अलग network एक Network ऑफ़ Networks से जुड़ सकते थे .

1973 में TCP (Transmission control protocol) and IP (Internet protocol ) की शुरुआत हो गयी थी .

1980 में Computer Science Researches ने Domain Name System  (DNS) and TCP/IP का यूज़ करना शुरु किया और यही से INTERNET की शुरुआत हुई

शुरु आत में internet को network of networks कहा जाता था .

सबसे पहले internet का यूज़ American government (US Defence) एवम university के दुआरा किया गया था उस समय Internet केवल personal computer पर चलता था इसके लिए dial-up connection की जरुरत पड़ती थी

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इंटरनेट  service provider  (ISP) :

ISP  ऐसी कम्पनी जो internet की service प्रदान करती हें जैसे BSNL , MTNL , AIRTEL , JIO इत्यादि को internet service provider कहते हें

ISP कैसे काम करता है 

आपने किसी internet service provider (ISP) से internet connection लिया . तो वो आपको एक wire connection (telephone line) देते हें telephone line से आने वाले signal analog signal होते हें जिन्हें कंप्यूटर समझ नहीं पाता हें कंप्यूटर केवल digital signal समझता हें  so इसी परेशानी को दूर करने के लिए हम modem का यूज़ करते हें

Modem : Modem का यूज़ हम Analog signal को Digital signal में और digital signal को analog signal में बदलने के लिए करते हें

  • Demodulation : analog signal को digital signal में बदल देता हें
  • modulation : digital signal को analog signal में बदल देता हें

इंटरनेट  connection type

Dial – up :

internet का यूज़ सबसे पहले dial up connection से ही हुआ था इस connection में ISP (MTNL/BSNL) जैसी कम्पनी से एक telephone connection लेना पड़ता हें

जिसके तहत एक telephone line घर तक आती हें यह telephone line analog signal पर काम करती हें इसको direct कंप्यूटर से कनेक्ट करने पर आप कंप्यूटर में internet नहीं चला सकते हो because कंप्यूटर digital सिंग्नल को ही समझ पाता हें

इसके लिए हमें MODEM की जरुरत पड़ती हें

dial up connection पुरानी टेक्नोलॉजी हें इसके दुआरा internet स्पीड भी बहुत कम आती हें आज कल dial up connection का इस्तेमाल होना बंद हो गया हें

DSL

Digital Subscriber line हाई स्पीड internet provide करती हें जो telephone line का प्रयोग कर के High bandwidth वाले डाटा का आदान प्रदान करता हें आपके internet की स्पीड आपके दुआरा चुने हुए internet service provider की services और आपके दुआरा लिया गया पैकेज पर depend होगी .

DSL connection में एक telephone line और modem के बीच digital डाटा connection का उपयोग कर internet की सुविधा दी जाती हें इस टेक्नोलॉजी में हम spliters का प्रयोग करके इसमें प्रयोग होने वाली frequencies  को अलग अलग कर देते हें जिससे अगर आप फ़ोन line पर बात कर रहे हो उस समय भी आप internet का आनंद उठा सकते हो

 DSL के  प्रकार

Asymmetric digital subscriber (ADSL)

ADSL सबसे ज्यादा यूज़ होने वाला ब्रॉडबैंड टाइप का connection हें इस connection में आपको डाउनलोड डाटा ट्रान्सफर के लिए हाई frequencies  की रेंज दी जाती हें और अपलोड डाटा ट्रान्सफर के लिए कम frequencies  की रेंज दी जाती हें .

जैसा की हम सभी लोग internet यूज़ करते वक्त ज्यादातर डाउनलोड ही करते हें डाटा अपलोड कम करते हें तो ADSL टाइप के connection ही यूज़ होते हें

Symmetric digital subscriber (SDSL)

SDSL में डाउनलोड डाटा ट्रान्सफर और अपलोड डाटा ट्रान्सफर की frequencies लगभग सामान ही होती हें दोनों की स्पीड में कोई अंतर नहीं आता हें ये connection 2Mbps अपलोड और डाउनलोड स्पीड देता हें इस टाइप के connection का प्रयोग कम्पनी में होता हें

Cellular connection :

हम अपने मोबाइल फ़ोन में internet का यूज़ करते हें यह cellular फ़ोन wireless तरीके से internet access करते हें मोबाइल टावर से निकलने वाली रेडियो frequencies  से कनेक्ट करके हम calling  एवम internet का इस्तेमाल करते हें

इसमें internet की स्पीड आपके service provider पर ही depend करती हें इसमें सबसे ज्यादा यूज़ 3g और 4g  के माद्यम से होता हें

ब्रॉडबैंड  (Broadband ):

internet connection में सबसे हाई स्पीड ब्रॉडबैंड connection से ही मिलती हें because यह wide bandwidth frequencies  का यूज़ करता हें जिससे डाटा ट्रान्सफर  की स्पीड बढ़ जाती हें .ऐसा इसलिए होता हें क्योकि  जितनी ज्यादा bandwidth होगी उसमे  इनफार्मेशन को लाने and ले जाने की capacity  उतनी ही ज्यादा होगी

इसमें हम connection के लिए फाइबर optical केबल  का भी इस्तेमाल कर सकते हें ADSL ब्रॉडबैंड का इस्तेमाल हम घरो और offices में करते हें

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इंटरनेट कैसे काम करता है

Internet point to point इनफार्मेशन पर काम करता हें internet का जाल पुरे वर्ल्ड में फैला हुआ हें हर सेकंड में लाखो लोग internet पर कोई न कोई डाटा सर्च करते हें लेकिन internet सर्वर दुआरा सभी को उसी particular डाटा की इनफार्मेशन दी जाती हें जिसे यूजर ने सर्च किया था ऐसा कैसे होता हें

आपने देखा होगा जब भी आप internet के माद्यम से किसी को मेसेज भेजते हो तो वह मेसेज उसी particular इंसान के पास जाता हें किसी और के पास नहीं जाता हें ऐसा इसलिए होता हें internet कुछ protocol (Rules and Regulation) पर काम करता हें जिन्हे हम TCP / IP  कहते हें

Internet पर सभी काम systeamtic तरीके से होने के पीछे TCP/IP का बड़ा रोल होता हें

TCP क्या होता हे :

transmission control protocol  यह नियमो (Rules) का ऐसा समूह होता हें जो निर्धारित करता हें की internet पर सूचनाओ को कैसे दो कंप्यूटर के बीच डाटा का आदान प्रदान करना हें एवम डाटा को सुरक्षित तरीके से भेजने और लाने की जिम्मेदारी भी TCP की होती हें

यह डाटा को send करते वक्त छोटे छोटे भागो में divide कर देता हें फिर डाटा को सर्वर के पास भेज देता हें और जब सर्वर से डाटा received  करता हें तो फिर से उस डाटा को एक कर देता हें जिससे यूजर उसे आसानी से समझ पाता हें .

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IP ADDRESS :

internet protocol एक logical address होता हें जो numbers की फॉर्म में होता हें internet नेटवर्क पर मोजूद प्रत्येक computer and website का एक unique address होता हें जिसे हम IP address कहते हें

प्रत्येक कंप्यूटर जो नेटवर्क से जुडा होता हें उस कंप्यूटर को उसका IP  address assign कर दिया जाता हें यही IP  address इस कंप्यूटर का unique address होता हें जब भी यूजर इस कंप्यूटर का यूज़ करते हुए कोई भी इनफार्मेशन internet पर सर्च करेगा तो सर्वर इसके IP  address  की पहचान कर सभी माँगी गयी इनफार्मेशन को इसी address पर भेजेगा इसी कारण यूजर को हमेशा सही रिजल्ट प्राप्त होता हें

DNS (Domain Name System)  :

Domain Name System किसी भी वेबसाइट के unique name को DNS  कहते हें जैसे www.facebook.com  में facebook domain नाम हें आपको पहले ही बताया गया हें की  कंप्यूटर किसी भी इनफार्मेशन को name से नहीं जानता हें वह उसे numbers से ही पहचानता हें इसी कारण जब भी कोई अपनी वेबसाइट को internet पर पहली बार रजिस्टर करता हें तो उस वेबसाइट को भी एक IP address दे दिया जाता हें

इंसान किसी भी वेबसाइट को नाम से याद रखता हें लेकिन कंप्यूटर वेबसाइट को उसके IP address से पहचानता हें

Intranet क्या होता हें यह इंटरनेट  से क्यों अलग हें

एक ऐसी service जिससे केवल एक आर्गेनाईजेशन के computer आपस में कनेक्टेड रहते हें  इंट्रानेट (INTRANET ) कहते हें

यह services केवल एक आर्गेनाईजेशन तक सिमित रहती हें आप आर्गेनाईजेशन में मौजद कंप्यूटर पर केवल उसी आर्गेनाईजेशन से related डाटा का आदान प्रदान कर सकते हो

इंटरनेट  की तरह आप computer पर  कोई भी बाहर की information , video , Facebook  इत्यादि को सर्च नहीं कर सकते हो

intranet is more secure than internet

इंट्रानेट  इन्टरनेट से ज्यादा सुरक्षित होता हें सभी banks , insurance company , इत्यादि अपने offices में intranet का ही यूज़ करते हें  इंट्रानेट साइबर अटैक के डर से मुक्त रहता हें .

इंटरनेट  पर सभी कंप्यूटर यूजर अपनी इनफार्मेशन किसी भी दुसरे कंप्यूटर के साथ शेयर कर सकते हें

Intranet में यूजर इनफार्मेशन केवल same नेटवर्क वाले यूजर के साथ ही शेयर कर सकता हें

 

 

 

hello friends

आशा करता हु आपको इंटरनेट से जुडी कुछ बेसिक जानकारीओ की ये post आपको पसंद आई होगी

आप इस post से related कोई भी बात हमें comments करके बता सकते हें 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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