बाल मजदूरी पर निबंध

बाल मजदूरी एक अभिशाप , बाल मजदूरी पर निबंध , बाल मजदूरी रोकने के उपाय 
दोस्तों बाल मजदूरी एक ऐसी कड़वी सच्चाई है। जिसने भारत को ही नहीं पूरी दुनिया को ग्रस्त किया हुआ है। सन 2014 में नोबेल पुरुस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी का नाम तो हम सभी ने सुना ही है। कैलाश सत्यार्थी जी को यह पुरुस्कार बाल मजदूरी एव बाल श्रम को रोकने के लिए किये गए उत्कर्ष काम के लिए दिया गया था।

बाल मजदूरी जैसा की नाम से ही पता चलता है।  कि बच्चों के द्वारा करवाई जाने वाली मजदूरी (श्रम) एव मजदूरी के बदले कुछ पैसे या मेहनताना दिया जाता है। जिससे वह अपना जीवन-यापन करते हैं। भारत सरकार ने बाल मजदूरी पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा रखा है। इस पर कानून भी बनाए गए हैं।

सरकार और प्रशासन की बहुत कोशिशों के बाद भी बाल श्रम में बढ़ोतरी होती जा रही है। और बाल मजदूरी समाज के लिए अभिशाप बनती जा रही है। जिस उम्र में बच्चों का मन खिलौनों के साथ खेलने का होता है। लेकिन घर की जिम्मेदारियां देखकर उन्हें बाल मजदूरी पर लगा दिया जाता है। देश में सभी कार्य क्षेत्र में बाल मजदूरों से काम कराया जाता है इसे देश का दुर्भाग्य ही कहेंगे कि आज भी बच्चे बाल श्रम में फंसते जा रहे हैं।

बाल मजदूरी एक अभिशाप

भारतीय संविधान के अनुसार आर्टिकल 24 अनुच्छेद में बताया गया है। कि 14 साल से कम उम्र के बच्चों से किसी भी क्षेत्र कोई भी मजदूरी नहीं करा सकते है। अगर कोई भी ऐसा करता हुआ पाया जाता है। तो उसके खिलाफ नियम उल्लंघन करने पर दंड देने का प्रावधान है।

आज भी हम दुकान , होटल , अथवा छोटी छोटी फैक्ट्रीज में बच्चो को बाल मजदूरी करते देख सकते है। लोगो के बीच में बाल श्रम के खिलाफ बने कानूनों का डर नहीं है। यदि वह कानून की परवाह करें तो बाल मजदूरी को बढ़ावा नहीं मिलेगा।

बाल मजदूरी से छोटे बच्चों के जीवन बर्बाद हो जाता है। बड़ों की अपेक्षा में बच्चों को कम कीमत देकर अपना काम करा लिया जाता है। बाल मजदूरी में लगे गरीब घर के बच्चों जिनके पास धन एव शिक्षा प्राप्त करने के पर्याप्त साधन नहीं होते है। इसलिए वह अपने परिवार की परिस्थितियां देखकर बाल मजदूरी करने के लिए मजबूर हो जाते हैं।

बाल मजदूरी के कारण

लोगों में शिक्षा की कमी

बाल मजदूरी का मुख्य कारण लोगों में शिक्षा की कमी है। पैसों के लालच में वह बच्चे का बचपन छीन कर उनसे बाल मजदूरी कराते हैं जिसमें उन्हें यह नहीं पता कि शिक्षा कितनी जरूरी है।

देश की गरीबी

बाल मजदूरी का एक कारण गरीबी भी है।  गरीबी में परिवार का लालन पालन के लिए बच्चों को पैसा कमाने के लिए मजदूरी कराते हैं। बच्चों के माता-पिता पैसे के लालच में बच्चों के बचपन को छीन कर उन्हें पैसे कमाने के लिए बाल मजदूरी पर लगा देते हैं।

बेरोजगारी की वजह से व्यक्ति अपने परिवार की जरूरते पूरी नहीं कर पाते। जिसके लिए वह अपने बच्चों से काम कराना शुरू कर देते हैं जिससे घर में खाने के लिए पैसे आ जाते हैं।

अनाथ बच्चे

जिन बच्चों के मां-बाप या कोई और नहीं होता है वह कुछ ऐसे व्यक्तियों के हाथों में पड़ जाते हैं जो उन्हें खाने-पीने का लालच देकर अपनी दुकानों होटलों और कारखानों में मजदूरी कराते हैं।

प्रशासन ने बाल श्रम को रोकने के लिए बहुत नियम बनाए हैं किंतु कानून सही ढंग से काम नहीं ना कर पाने के कारण बाल मजदूरी को बढ़ावा मिलता है।

बाल मजदूरी के दुष्टप्रभाव

बच्चों का बचपन बर्बाद होना

जिस  उम्र में बच्चों के खेलने, पढ़ने-लिखने की उम्र होती है। उस उम्र में बच्चे बाल मजदूरी पर लग जाते हैं। वह दिन भर काम करने की वजह से वह ना ही वह खेल पाते हैं। और ना ही पड़ लिख सकते हैं जिससे उनका बचपन बर्बाद होता है।

बच्चों का शारीरिक शोषण

एक रिपोर्ट के अनुसार 33 – 40 % बच्चों का बाल मजदूरी करते हुए काफी शोषण होता है।
बच्चों का शारीरिक शोषण बहुत बड़ी समस्या है।

बाल मजदूरी करने वाले बच्चों से ज्यादा काम कराया जाता है खाने को ढंग से नहीं मिलता जिससे शरीर को ऊर्जा नहीं मिलती और वह कुपोषण का शिकार हो जाते हैं।

बाल मजदूरी की रोकथाम

जागरूकता

बाल श्रम को रोकने के लिए लोगों को जागरूक होना पड़ेगा जहां बच्चों से बाल मजदूरी कराते हैं। उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

बहुत बच्चे पैसे ना होने की वजह से पढ़ नहीं पाते और वह काम पर लग जाते हैं हमें बाल मजदूरी को रोकने के लिए उन गरीब बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देना होगा उन्हें फ्री में शिक्षा के लिए जागरूक करना होगा

भ्रष्टाचार को रोकना

बाल श्रम को रोकने के लिए भ्रष्टाचार को रोकना जरूरी है। जो उद्यमी बाल मजदूरी करवाते हैं उन्हें कानून का डर नहीं होता क्योंकि वह पैसे देकर छूट जाते हैं और वह फिर दोबारा से बच्चों से मजदूरी कराते हैं।

अगर कानून व्यवस्था सही ढंग से काम करेगी तो बाल मजदूरी पर लगाम लगाई जा सकती है।

बाल मदजूरी पर निबंध

बाल मजदूरी एक वैश्विक समस्या बन चुकी है आप किसी भी दुकान, होटल, या ढाबों पर बच्चों को काम करते हुए देख सकते हैं अगर आप बच्चों को देखेंगे तो उनकी आंखों से पता चलता है कि वह कितने मजबूर हैं।

बाल श्रम करने के लिए इसीलिए हमें बाल मजदूरी के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। और बच्चों को बाल मजदूरी करने से रोकना चाहिए।

“दोस्तों आपको बाल मजदूरी पर निबंध कैसा लगा आप हमें कमेंट्स के द्वारा जरूर बताये।  “

बाल मजदूरी पर निबंध ,

बाल मजदूरी रोकने के उपाय

Leave a Comment