10 weight loss Food items

आज कल के भागम भाग वाले समय में तथा शहरो में बढ़ते प्रदूषण एवं कम होती हुई खाने की क्वालिटी … Read more

Online fraud क्या हें इससे कैसे बचे

डिजिटल अर्थव्यवस्था के इस युग में ऑनलाइन लेनदेन के साथ साथ सोशल मीडिया पर लोगो से मिलना , ऑनलाइन खरीददारी , ऑनलाइन टिकट बुकिंग और ना जाने कितने काम हम रोजाना इंटरनेट पर करते है।

अगर हम देखे तो हर तरफ इंटरनेट के फ़ायदे ही फ़ायदे दिखते है। लेकिन ऑनलाइन फ्रॉड का जाल भी इंटरनेट की इस दुनिया के साथ साथ पनप रहा है।  अगर हम इंटरनेट का इस्तेमाल सावधानी से नहीं करेगे तो हम भी इस ऑनलाइन फ्रॉड के जाल में फस सकते है।

“Any unlawful act where computer or communication device or computer network is used to commit or facilitate the commission of crime”

साइबर क्राइम क्या है

सबसे पहले नजर डालते है। ऑनलाइन चल रही कुछ ऐसी गतिविधियाँ  जिनसे हमारे समाज पर बहुत गलत असर पड़ रहा है। इन बातों का यहाँ जिक्र करना इसलिए भी जरुरी है। की बहुत से माता पिता इस तरह की गतिविधियाँ के बारे में अपने बच्चों से बात करना पसंद नहीं करते है। लेकिन सभी माता पिता को अपने बच्चों को इन बातों के बारे में बात करनी चाइए साथ में उन्हें समझाना चाइये।

Child Pornography / Child sexually abusive material / Cyber bullying /

Cyber stalking

इंटरनेट या सोशल मीडिया पर किसी भी बच्चे की कोई भी sexual image या video डालना और उसे किसी दुसरे को भेजना  section 67(B) of IT act के अंतर्गत क्राइम है

कोई भी इंसान किसी को ऑनलाइन communication के माद्यम से परेशान करता है जैसे इंटरनेट या social मीडिया पर बिना किसी परमिशन  के बार बार मैसेज भेजना , अश्लील फोटो भेजना , किसी भी तरीके से उसको डराना , मना करने के बाद भी लगातार परेशान करना साइबर क्राइम होता है ऐसा करने पर सजा हो सकती है

इंटरनेट के जरिये अपने से कम उम्र (Young person) से गलत इनफार्मेशन देकर या कोई भी लालच देकर फ़साना भी साइबर क्राइम की केटेगरी में आता है

जब कभी आपको लगता है कोई ऑनलाइन माद्यम से आपको परेशान कर रहा है तो आप घबराये नहीं इस बारे में अपने presents , friends , and relatives से बात करे और साथ में एक ऑनलाइन complain जरुर दर्ज करवाए  इसके लिए आप National cyber crime reporting portal  पर या अपने पास के पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवा सकते हो।

अधिक जानकारी के लिए आप सेंट्रल गवर्नमेंट द्वारा संचालित https://cybercrime.gov.in/Default.aspx  and  दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम   http://www.cybercelldelhi.in/  में रिपोर्ट दर्ज करवा सकते हो।

ऑनलाइन फ्रॉड

अगर हमें ऑनलाइन फ्रॉड से बचना है तो इनके बारे में जानना बहुत जरुरी है

  1. E-mail hacking
  2. Social media crime
  3. Mobile app related
  4. Ransomware
  5. Internet banking / ATM fraud
  6. Fake call fraud
  7. Insurance fraud
  8. Lottery scam
  9. Sim swap scam
  10. Online job fraud

Wi – Fi को secure कैसे करे

घर में लगे Wireless Router में फ़िल्टर activate करे और घर में इस्तेमाल होने वाले Devices का MAC address router के साथ register कर दे

MAC Address  फुल फॉर्म :- Media Access Control Address.

Wi-Fi फुल फॉर्म :- Wireless Fidelity

प्रत्येक Electronic डिवाइस जो Wi-Fi से कनेक्ट हो सकता है उसकी एक Unique Id होती है जिसे हम Physical address या MAC address कहते है जब भी कोई डिवाइस wireless router से कनेक्ट करता है तो router उस डिवाइस का MAC  address को स्क्रीन करता है

अगर आपने अपने Wireless routers में filter activate किया हुआ है तो वह केवल authorized device जिनके MAC address router recognized कर पायेगा वही डिवाइस router से कनेक्ट हो पायेगे कोई unauthorized डिवाइस आपके routers को access नहीं कर पायेगा

ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के उपाय

ध्यान रखे कभी भी मेसेज / E-mail में आये छोटे URL जैसे : ept.bcc/bt12.com , tcp3.vcom, पर क्लिक न करे ये आपको fake वेबसाइट या malware infected वेबसाइट पर ले कर जाते है

वेबसाइट खुलने के बाद आपको लगेगा की ये सही वेबसाइट है और वेबसाइट पर मांगी हुई जानकारी जैसे ही आप एंटर करोगे आपका username और password तथा वह सभी जानकारी जो आपने उस वेबसाइट पर डाली है वह हैकर के पास पहुँच जाती है

अब हैकर आपकी इन पर्सनल डिटेल्स का इस्तेमाल आपके बैंक अकाउंट से आपकी जमापूँजी को निकालने में अथवा Ransomware (ऑनलाइन फिरौती ) के लिए भी कर सकता है

अगर आपके पास E-mail पर foreign lottery , 1000000 dollar cash winning prize जैसे बहुत बड़े amount का prize जीतने का mail  आता है तो सबसे पहले उस मेल को आप डिलीट करे

इस तरह के मेल में आपसे आपकी पर्सनल डिटेल्स एवम इतनी बड़ी रकम को ट्रांसफर करने के बहाने बदले कम रकम के मांग की जाती है इस तरह के e-mail को डिलीट करे।  ये फ्रॉड का एक तरीका है

आज कल ऑनलाइन बैंकिंग के साथ साथ हम लोग UPI के माध्यम से पैसे ट्रांसफर करने के लिए मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करते है। मोबाइल एप इस्तेमाल करते हुए कुछ बातों का हमेशा ध्यान रखें।

हमेशा मोबाइल ऐप के help और contact us में दिए गए नंबर पर ही कांटेक्ट करे। गूगल पर दिए गए किसी भी unauthorized लिंक से मोबाइल ऐप या बैंक का कस्टमर केयर नंबर ना लें।

इंटरनेट पर ऐसे बहुत से फ्रॉड नंबर डाल दिए जाते है। जब भी कोई इन नंबर्स पर कॉल करता है। वह कस्टमर्स को गलत direction दे कर सारा पैसा ट्रांसफर करवा लेते है। ऐसा करने से आपका बैंक अकाउंट खाली हो सकता है।

इंटरनेट बैंकिंग / ATM फ्रॉड से कैसे बचे

internet बैंकिंग यूज़ करने से पहले ध्यान दे। जब भी आप Shared कंप्यूटर का यूज़ internet बैंकिंग के लिए करे तो Browser को अपना Username and Password को  store करने की अनुमति ना दे।

जब भी आप कंप्यूटर and मोबाइल पर कोई बैंकिंग Transaction करे तो Browser history को जरुर क्लियर करे

अपने Wi-Fi point में हमेशा एक Strong password से सुरक्षित रखे। जब भी आप पब्लिक Wi-Fi का यूज़ करे तो बैंकिंग transaction ना करे।

बैंक के नाम पर  आने वाले फर्जी कॉल पर कभी भी अपने अकाउंट के बारे में कोई Details शेयर न करे जैसे : क्रेडिट कार्ड / डेबिट कार्ड का नंबर , CVV नंबर , ATM पिन , मोबाइल OTP , Expiry date , इंटरनेट बैंकिंग का password इत्यादि।

अपने इंटरनेट बैंकिंग से Related  सभी Password को Regular base पर बदलते रहे।

इंटरनेट की जानकारी हिन्दी में पढ़े 

सोशल मीडिया से फ्रॉड

आज कल Cyber Criminal एक Fake Social मीडिया प्रोफाइल बनाते है। जैसे Facebook , Twitter, Instagram  पर और आपकी सोशल मीडिया प्रोफाइल से Personal डाटा को कॉपी करके आपके friends लिस्ट में से अलग अलग लोगो को Message भेजते है।

इस तरह ये लोग एक ट्रैप में फॅसाकर पैसे का गबन करते है इस तरह के फ्रॉड से बचने के लिए कभी भी सोशल मीडिया अकाउंट पर Personal डिटेल्स एवम फोटो शेयर न करे .

Matrimonial  साइट्स पर कभी भी personal डिटेल्स शेयर न करे। सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते वक्त सिक्यूरिटी और प्राइवेसी सेटिंग्स का यूज़ जरूर करे

Insurance fraud

Insurance कम्पनी के नाम पर होने वाले फ्रॉड से सावधान रहे। इस तरह के फ्रॉड में कॉलर आपसे आपकी LIC OF INDIA की पालिसी के बारे में कुछ बाते करेगे और Higher return के नाम पर ठगी करते है।

आपकी Lic पालिसी में इतना बोनस बन गया है इसको अकाउंट में ट्रान्सफर करवाने के नाम पर पैसा ऐठ लेते है।

आप इस तरह की कॉल से सावधान रहे ऐसे कॉल पर किसी को भी पैसा ट्रान्सफर न करे।

लाटरी स्कैम

ध्यान रहे Internet पर मिलने वाली सामग्री हमेशा निशुल्क नहीं होती है फ्री screen savers, images , video , apps ,  games , driver  या कोई फ्री सॉफ्टवेर , movies download लिंक पर क्लिक करने से पहले ध्यान से देख ले की आपके दुआरा खोली गयी वेबसाइट unauthorized तो नहीं है।

इस तरह की वेबसाइट पर क्लिक करने से आपके कंप्यूटर में malware भी आ सकता है।

कंप्यूटर सॉफ्टवेयर क्या होते है यहां क्लिक करे 

सिम स्वैप (SIM SWAPPING)

आपके मोबाइल नंबर की दूसरी sim निकलवा कर इस तरह के फ्रॉड को अंजाम दिया जाता है। इसके लिए चोर आपके personal documents किसी तरीके से हासिल कर लेते है।

अपने personal documents जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड किसी को देते वक्त उस पर क्रॉस जरुर करे हो सके तो अपना आधार नंबर के शुरुआत के कुछ नंबर हटा दे। इससे आपका यह documents कोई और यूज़ नहीं कर पायेगा

अगर आप किसी confidential documents का प्रिंटआउट या  फोटोकॉपी करवाते हो तो ध्यान रहे। आपकी इनफार्मेशन उस मशीन में स्टोर रहती हें। अगर हो सके तो आप उस दुकानदार को बोलकर उसकी फोटोकॉपी और प्रिंटआउट की मशीन को RESET करवाये।

ऑनलाइन सेफ्टी फॉर Children / Parents

कभी भी ऑनलाइन Games और ऑनलाइन चैट रूम्स के लिए अपनी personal details के साथ लॉग इन ना करे हमेशा निक नेम का यूज़ करे

कंप्यूटर की बेसिक जानकारी हिंदी में पढ़े 

Internet पर कभी भी अनजान व्यक्ति से बात न करे अनजान व्यक्ति महगे gift का लालच देकर पैसे ठग सकते है

अपने बच्चो से साइबर bulling , साइबर staking जैसे सभावित ऑनलाइन खतरे के बारे में बात करे।

कभी भी किसी अनजान आदमी के बहकावे में आकर किसी के बैंक अकाउंट में पैसे transfer ना करे यह कभी नहीं होता है

फेक कॉल (fake call)

फेक कॉल में कॉलर अपने आप को बैंक कर्मचारी बता कर बात करता है। वह कोई भी जरुरी काम बताकर banks डिटेल्स की मांग करता है। जैसे :  customer id , net banking password , ATM pin , OTP  , Expiry date , CVV  नंबर .

इसके लिए वह आपको डराने की भी कौशिश कर सकता है की आपका अकाउंट बंद हो जायेगा।

आपका डेबिट कार्ड बंद हो जायेगा।

कभी लुभाभने ऑफर देकर डिटेल्स जानने की कौशिश की जाती है।

आपका आधार कार्ड बैंक से लिंक करना है।

आपके क्रेडिट कार्ड में 2500 रूपए के reward point मिले है। इन्हे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करने के लिए डिटेल्स चाइये।

ऐसे किसी भी फ्रॉड कॉल से सावधान रहे। आपके छोटे से लालच से आपका पूरा बैंक अकाउंट मिनटों में खाली हो सकता है

“ऑनलाइन रहो लेकिन सेफ रहो”

 

hello friends ,  ऑनलाइन फ्रॉड के बारे में पढ़ कर आपको कैसा लगा कमेंट्स बॉक्स में जा कर जरुर बताये .

Kargil War कारगिल युद्ध के वीरो की शौर्य कथाएँ

कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय 

जन्म :    25 जून 1975 को उत्तरप्रदेश के सीतापुर जिले में।      parm veer चक्र सम्मानित

यूनिट :   11 गोरखा राइफल की पहली बटालियन।

कारगिल युद्ध के दौरान 11 जून को अपने सैनिको के साथ उन्होंने बटालिक सेक्टर से दुश्मनो को उखाड़ दिया। कैप्टन मनोज कुमार के नेतृत्व में सैनिको ने जुबार टॉप पर कब्ज़ा किया। कंधे और पैर में गोली लगने के बावदूज दुश्मन के पहले बंकर में घुसे।

हैंड टू हैंड कॉम्बैट में दो दुश्मनो को मार गिराया और पहला बंकर नष्ट कर दिया उनके साहस से प्रभावित होकर सैनिको ने दुश्मन पर धावा बोल दिया। अपने घावों की परवाह किये बिना वे एक बंकर से दूसरे बंकर हमला करते गए।आखिरी बंकर तक कब्ज़ा करने तक वह बुरी तरह जख्मी हो गए थेयहां वह शहीद हो गए कैप्टन पाण्डेय की इस दिलेरी ने अन्य प्लाटून और बटालियन के लिए आधार तैयार किया।

जिसके बाद ही खालूबर पर कब्ज़ा किया गया। इस साहस के लिए उन्हें मरणोपरांत सेना का सर्वोच्च मैडल परमवीर चक्र प्रदान किया गया। उन्हें हीरो ऑफ़ बटालिक भी कहा जाता है। वह 3 जुलाई 1999 में 24 साल की उम्र में शहीद हो गए थे।

 

कैप्टन अनुज नायर

जन्म : 28 अगस्त 1975  दिल्ली                                                                      अनुज नायर कारगिल हीरो

यूनिट : 17 जाट रेजीमेंट

इंडियन मिलिट्री अकादमी से निकले ये जाबांज जून 1997 में जाट रेजीमेंट की 17 वी बटालियन में भर्ती हुए। कारगिल युद्ध के दौरान उनका पहला अभियान था पॉइंट 4875 पर कब्ज़ा करना।

यह चोटी टाइगर हिल के पच्छिम की और थी और सामरिक लिहाज़ से बेहद जरुरी। इस पर कब्ज़ा करना भारतीय सेना के प्राथमिकता थी। अभियान के शुरुआत में ही नायर के कंपनी कमांडर जख्मी हो गए। हमलावार दस्तों को दो भागो में बांटा गया। एक का नेतृत्व कैप्टन विक्रम बत्रा ने किया और दूसरे का कैप्टन अनुज ने। कैप्टन अनुज की टीम ने सात सैनिको के साथ दुश्मन पर चौतरफा वार किया।

कैप्टन अनुज ने अकेले नौ पाकिस्तानी सैनिको को मार गिराया और तीन दुश्मन बंकर ध्वस्त किये। चौथे बंकर पर हमला करते समय दुश्मन ने ग्रेनेड फेंका जो सीधा उनपर गिरा। बुरी तरह से जख्मी होने के बाद भी वे बचे हुए सैनिको का नेतृत्व करते रहे। शहीद होने से पहले उन्होंने आखिरी बंकर को भी तबाह कर दिया। कैप्टन अनुज नायर को मरणोपरांत महावीर चक्र प्रदान किया गया।

 

कैप्टन सौरभ कालिया

जन्म : 29 जून 1976 अमृतसर , पंजाब                                                         

यूनिट : 4 जाट रेजीमेंट

कंबाइंड डिफेन्स सर्विसेज के जरिये दिसंबर 1998 में इंडियन मिलट्री अकादमी में भर्ती हुए। जाट रेजीमेंट की चौथी बटालियन में पहली पोस्टिंग कारगिल में मिली। जनवरी 1999 में उन्होंने कारगिल में रिपोर्ट किया। मई के शुरुआती दो हफ्तों में कारगिल के ककसर लगपा क्षेत्र में गश्त लगाते हुए उन्होंने बड़ी संख्या में पाकिस्तान सैनिको को एलओसी के इस तरफ देखा।

15 मई को अपने पांच साथिओ – सिपाही अर्जुन राम , भॅवर लाल भगारिया , भिका राम , मुला राम और नरेश सिंह के साथ लदाख की पहाड़ियों पर बजरग पोस्ट की तरफ गश्त लगाने गए। वहां पाकिस्तानी सेना की तरफ से अंधाधुंध फायरिंग का जवाब देने के बाद उनके गोला -बारूद खत्म हो गए।

इससे पहले की भारतीय सैनिक वहां मदद के लिए पहुँच पाते , पाकिस्तान सैनिको ने उन्हें बंदी बना लिया। उन्हें 15 मई से 7 जून (23 दिन )  तक बंदी बनाकर रखा गया। उनके साथ अमाननीय बर्ताब किया गया। 9 जून को उनके शरीर को भारतीय सेना को सौंपा गया। इतना सहने के बाद भी दुश्मन कुछ उगलवा न सका।

 

कैप्टन विक्रम बत्रा

जन्म : 9 सितम्बर 1974 , पालमपुर हिमाचल प्रदेश                     

यूनिट : 13 जेएंडके राइफल

इंडियन मिलिट्री अकादमी से पास आउट होने के बाद 6 दिसम्बर 1997 को लेफ्टिनेंट के तौर पर सेना में भर्ती हुए। कारगिल युद्ध के दौरान उनकी बटालियन 6 जून को द्राक्ष पहुंची। 19 जून को कैप्टन बत्रा को पॉइंट 5140 को फिर से अपने कब्जे में लेने का निर्देश मिला।

उन्होंने दुश्मन के छक्के छुड़ा दिए और पोजीशन पर कब्ज़ा किया। उनका अगला अभियान था 17000 फ़ीट की ऊंचाई पर पॉइंट 4875 पर कब्ज़ा करना। पाकिस्तानी फ़ौज 16000 फ़ीट की ऊंचाई पर थी और बर्फ से ढकी चट्टान 80 डिग्री के कोण पर तिरछी थी। 7 जुलाई की रात वे और उनके सिपाहिओं ने चढाई शुरू की। अब तक वे दुश्मन खेमे में भी शेरशाह के नाम से मशहूर हो गए थे।

साथी अफसर अनुज नायर के साथ हमला किया।  एक जूनियर की मदद को आगे आने पर दुश्मनो ने उनपर गोलियां चलाई ,उन्होंने ग्रनेड फेककर पांच को मार गिराया लेकिन एक गोली आकर सीधा उनके सीने में लगी। अगली सुबह तक 4875 चोटी पर भारत का झंडा फहरा रहा था। इसे विक्रम बत्रा टॉप का नाम दिया गया। उन्हें परम वीर चक्र से सम्मानित किया गया।

 

स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा

जन्म : 22 मई 1963 कोटा , राजस्थान                                           

यूनिट : गोल्डन एरोज , स्क्वाड्रन नंबर 17

नेशनल डिफेन्स अकादमी से पास आउट होने के बाद 14 जून 1985 को फाइटर पायलट के तौर पर भारतीय वायु सेना में भर्ती हुए। कारगिल युद्ध के दौरान नियंत्रण रेखा का जायजा लेने के लिए ऑपरेशन सफेद सागर लॉच किया गया।

इसमें शामिल फ्लाइट लेफ्टिनेंट नचिकेता के मिग -27 एल विमान के इंजन में आग लगने के बाद वह उसमे से बहार कूदे। स्क्वाड्रन लीडर आहूजा अपने मिग -21 मफ विमान में दुश्मन की पोजीशन के ऊपर उड़ान भरते रहे ताकि बचाब दल को नचिकेता की लोकेशन की जानकारी देते रहे।

उन्हें अच्छी तरह पता था की दुश्मन कभी भी उन पर सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल दाग सकता हे। हुआ भी ऐसा ही , कुछ ही देर में उनके विमान पर हमला हुआ। वे अपने विमान से बाहर कूदे। लेकिन पाकिस्तानी सैनिको ने उन्हें बंदी बनाकर बेहरहमी से उनकी हत्या कर दी। उनके पार्थिव शरीर पर कई गंभीर घावों के निशान दिखे। उन्हें मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया।

मेजर राजेश सिंह अधिकारी

जन्म : 30 मई 1970 , नैनीताल उत्तराखंड                              

यूनिट : 18 ग्रेनेडियर्स

इंडियन मिलिट्री अकादमी से 11 दिसंबर 1993 को सेना में भर्ती हुए। कारगिल युद्ध के दौरान 3० मई को उनकी यूनिट को 16000 फ़ीट की ऊंचाई पर तोलोलिंग चोटी पर कब्ज़ा करने की जिम्मेदारी सौपी गयी। यह पोजीशन भारतीय सेना के लिए अहम् थी क्योकि यही से सेना टाइगर हिल पर बैठे दुश्मन सैनिको पर निशाना लगा सकती थी।

जब मेजर अधिकारी अपने सैनिको के साथ लक्ष्य की तरफ बढ़ रहे थे तो दुश्मनो ने दो बंकरो से उन पर हमला करना शुरू किया। लेकिन उन्होंने बिना देर किये रॉकेट लांचर डिचमेंट को बंकर की तरफ मोड़ा और बंकर के अंदर घुसकर दो दुश्मनो को मार गिराया। इसके बाद अपने मेडियम मशीन गन को एक पत्थर से बांधकर दुश्मन को उसमे उलझा लिया और खुद दूसरे बंकर की तरफ बढ़े।

खुद बुरी तरह जख्मी होने के बाद भी बंकर में घुसकर एक पाकिस्तानी सैनिक को मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद खुद भी शहीद हो गए। उनके इस साहस की बदौतल तोलोलिंग चोटी पर भारत का कब्ज़ा हुआ और जिसके बाद पॉइंट 4590 पर कब्ज़ा करना आसान हो गया। उन्हें सेना का दूसरा सर्वोच्च मेडल महावीर चक्र प्रदान किया गया।