Essay on global warming in hindi : ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध

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ग्लोबल वार्मिंग यानि की वैश्विक तापमान जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है। की इसका इशारा धरती के पर्यावरण और वातावरण के तापमान में लगातार हो रही वृद्धि से है। धरती के तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी और जिसके कारण धीरे-धीरे वातावरण में होने वाले परिवर्तन से है।

ग्लोबल वार्मिंग क्या है। 

ग्लोबल वार्मिंग क्या है। हमारी पृथ्वी प्राकृतिक रूप से सूर्य की रोशनी से गर्मी लेती है। यह सूर्य की किरण वायुमंडल से होकर जमीन से टकराती है। और धरती से रिफ्लेक्शन (Reflect) होकर दोबारा से वायुमंडल में वापस चली जाती है।

पृथ्वी में मोजूद वायुमंडल बहुत सी गैसों से मिलकर बना है। इसमें ग्रीन हाउस गैस भी सम्मिलित होती है। जो अधिक मात्रा में होने के कारण  धरती के ऊपर एक प्राकृतिक गैसीय परत बना लेती हैं। यह परत वापस जाती हुई सूर्य की किरणों के कुछ हिस्सों को रोक लेती हैं। जिसके कारण पृथ्वी का वातावरण गर्म हो जाता है। पृथ्वी के वातावरण में धीरे -धीरे आने वाली यह गर्माहट ही विश्व के लिए खरतनाक साबित होती जा रही है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे जैसे ग्रीन हाउस गैसों वातावरण में बढना शुरू हो जाएगीं वातावरण की फैली ये परतें और अधिक मोटी हो जाएंगी। जिससे वापिस जाती सूर्य कि किरण अधिक मात्रा में रुखना शुरू हो जाएगीं जिससे ग्लोबल वार्मिंग का ख़तरा और बढेगा।

अभी भी बहुत से लोगों को लगता है। कि इससे कोई खतरा नहीं होगा लेकिन ग्लोबल वार्निंग दुनिया के लिए बहुत बड़ी समस्या बन गई है। इससे पृथ्वी पर रहने वाले सभी प्राणी, जीव -जंतु को परेशानी होगी। ग्लोबल वार्मिंग क्या है .

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ग्लोबल वार्मिंग के प्रमुख कारण

वैश्विक तापमान और ग्लोबल वार्मिंग में 85 % योगदान मानव द्वारा निर्मित कार्बन उत्सर्जन का है। मानव के द्वारा निर्मित ग्रीन हाउस गैसों (कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, मिथेन ) जैसी गैसों के उत्सर्जन में लगातार वृद्धी हो रही है।

मानव दुआरा संचालित भिन्न-भिन्न उपकरण जैसे : ऑटोमोबाइल Industries से होने वाला प्रदुषण , कारखानों से निकले धुएं , ज्वालामुखी विस्फोट, मिथेन गैस ग्लोबल वार्मिंग का प्रमुख कारण है।

जंगलों की भारी मात्रा में हो रही कटाई भी ग्लोबल वार्मिंग में दूसरी बड़ी समस्या है। जंगल वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा को नियंत्रण करते हैं। जंगलों की कटाई से यह प्राकृतिक नियंत्रण भी हाथ से छूटता जा रहा है।

ग्लोबल वार्मिंग की एक और वजह सी ए एफ सी (CFC) CHLOROFLUORO CARBON  गैस है। जो फ्रिज एवं Air Conditioner से निकलती है। यह गैसें पृथ्वी के ऊपर बनी ओजोन परत को नष्ट करती हैं।

यह परत सूर्य से निकलने वाली अल्ट्रावायलेट किरणों को पृथ्वी पर आने से रोकती है। वैज्ञानिकों ने बताया है कि ओजोन परत में एक बड़ा हॉल (छेद), हो चुका है जिसमें से सूर्य की किरणे सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं। इस तरह वह लगातार पृथ्वी को गर्म बना रही है

सभी जगह बिजली की मांग बढ़ती जा रही है। बिजली बनाने के लिए जीवाश्म ईंधन का इस्तेमाल होता है। जीवाश्म ईंधन से निकलने वाली गैस भी ग्लोबल वार्मिंग का कारण है।

ग्रीन हाउस गैसों में महत्वपूर्ण गैस कार्बन डाइऑक्साइड है। जिसे मनुष्य अपने सांस के साथ छोड़ते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि धरती पर कार्बन डाइऑक्साइड गैस की मात्रा में लगातार वृद्धि हो रही है।

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ग्लोबल वार्मिंग से होने वाले प्रभाव

वातावरण तापमान में वृद्धि

ग्लोबल वार्मिंग से पृथ्वी का तापमान बढ़ेगा जिससे गिलेशियरो की बर्फ पिघले लगेगी। जिससे समुंदर में पानी की मात्रा बढ़ती है। तटीय क्षेत्र  समुन्द्र में समा जाएंगे। जिससे तटीय क्षेत्रों में रहने वाले मनुष्य बेघर हो जाएंगे। समुन्द्र किनारे बसे शहर को समुन्द्र में समाने का खतरा बढ़ रहा है।

मानव के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव

वातावरण में परिवर्तन का सबसे गहरा प्रभाव मानव पर ही पड़ेगा। स्वच्छ पानी, भोजन, सांस लेने में दिक्कत, और लोगों में बहुत प्रकार की बीमारियां पैदा होंगी। लोगों को शुद्ध वायु भी नहीं मिलेगी।

वनस्पतियों और पशु पक्षियों पर प्रभाव

वैश्विक तापमान का गहरा प्रभाव वनस्पति और पशु पक्षियों पर भी पड़ेगा।

ग्लोबल वार्मिंग को कैसे रोकें

  • वैसे तो इसे रोकने का कोई उपाय नहीं है। लेकिन ग्लोबल वार्मिंग को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाकर इस को कम किया जा सकता है।
  • हमें धरती को ग्रीन बनाने के लिए पेड़ों को अधिक से अधिक लगाना होगा।
  • हमें आसपास के पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त रखना होगा।
  • वनों और जंगलों की कटाई पर सरकार को रोक लगानी चाहिए और पेड़ों को लगाने के लिए बढ़ावा देना चाहिए इससे ग्लोबल वॉर्मिंग के असर को कम किया जा सकता है।
  • हमें बिजली, ऑटोमोबाइल, पेट्रोल, डीजल का उपयोग कम करके वातावरण में फैलने वाली खतरनाक गैसों को कम किया जा सकता है।
  • औद्योगिक कचरा और हानिकारक गैसों को बाहर निकलने से रोकना चाहिए। हमें हानिकारक गैसें और धुएं को कम करना चाहिए।
  • सरकार को प्लास्टिक की थैलियों पर रोक लगा देनी चाहिए।
  • सीएफसी गैस का फ्रिज डेवलप करना चाहिए
  • इलेक्ट्रिक वाहन और CNG से चलने वाले वाहन चलाने चाहिए।

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ग्लोबल वार्मिंग हिमालय के ग्लेशियरों को पिघला रहा है। ग्लेशियरों का पिघलना पृथ्वी के साथ-साथ मनुष्य के लिए भी विनाशकारी है।
ग्लोबल वार्मिंग  के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार ग्रीनहाउस गैस है। जो बाहर की गर्मी को अपने अंदर समा लेती है।

ग्लोबिंग वार्मिंग के लिए हर छोटा कदम हमें ग्लोबल वार्मिंग को रोकने में महत्वपूर्ण योगदान देगा । लोगों में रीसाइक्लिंग करने के लिए प्रोत्साहित करना होगा।

“दोस्तों आपको ग्लोबल वार्मिंग क्या है। एवं ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध (essay on global warming in hindi) कैसा लगा आप हमें कमैंट्स बॉक्स में जरूर बताएं। ”

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