Physical Education का विधार्थी जीवन में क्या महत्व है।

बच्चों आप सभी ने ये मुहावरा तो सुना ही होगा की “ स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ  मस्तिष्क निवास करता है।  “ स्वस्थ शरीर कैसे रहे इस हेतु Physical Education की जानकारी प्रत्येक इंसान के लिए जरुरी है। शारीरिक शिक्षा का लक्ष्य मानव के व्यक्तित्व का विकास करना है। जिससे वह अपने जीवन में आने वाली कठिनाई का सामना करने योग्य बन सके और समाज का बढ़िया नागरिक बने।

स्वामी विवेकानन्द जी ने कहा हें “ निर्बल व्यक्ति आत्मा के दर्शन नहीं कर सकता है।  चाहे वह शारीरिक रूप से निर्बल हो या मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति जीवन के महत्वपूर्ण उद्देश्य प्राप्त नहीं कर सकता क्योकि उसमे सहनशीलता , आत्मविश्वास  आदि का आभाव होता है।

विधार्थी जीवन में Physical Education का महत्व 

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 के अनुसार ” खेल एवं शारीरिक शिक्षा , सीखने की प्रकिया के अभिन्न अंग है अतः इन्हें विद्यार्थी की  शिक्षण प्रकिया में शामिल किया जाये।

शारीरिक शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति का शारीरिक , मानसिक , सामाजिक तथा अध्यात्मिक विकास होता है।  शारीरिक शिक्षा सामान्य शिक्षा का ही एक अंग है। शारीरिक शिक्षा व्यक्ति के व्यक्तित्व के सर्वागीण तथा संतुलित विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला विषय हें

विद्यार्थी जीवन में शारीरिक शिक्षा तनाव दूर करने एवं अलग अलग प्रकार के खेल खेलकर आनंद लेने का एक उत्तम माध्यम है।

इससे बच्चो के बीच में शरीर को  स्वास्थ और पोषण कैसे रखें के बारे में जागरूकता आती है। और बच्चो में शरीर को फिट रखने और शारीरिक दक्षता को बनाये रखने में  मदद करती है।

खेल खेल में बच्चो का शारीरिक विकास तो होता ही है। साथ में बच्चे में Winning  ,  Competition  , Team work , Self Confidence (आत्मविश्वास ) जैसी भावना का भी विकास होता है।  जो उनको आने वाले जीवन में बहुत काम आते है।

स्कूल लेवल पर खेलो में किये गए अच्छे प्रदर्शन के बल पर आप स्पोर्ट्स कोटे के तहत किसी भी अच्छे कॉलेज में admission ले सकते हो।

खेल कूद में Career कैसे बनाये।   

बच्चो का खेलने कूदने से समय बर्बाद होता है। खेलने कूदने से बच्चे को नौकरी कैसे मिलेगी। ऐसे बहुत से सवाल हमारे मन में आते है। लेकिन वर्तमान में शारीरिक शिक्षा से जुड़े क्षेत्र में नौकरी के बहुत सारे विकल्प मौदूद है।

विद्यार्थी को जो भी खेल खेलना पसंद है। उसे उस खेल को पुरे लगन के साथ खेलना चाइए। स्कूल में मौदूद Physical Teacher को अपने खेल के बारे में बताये और स्कूल लेवल पर होने वाली प्रतियोगताये में हिस्सा लेने की कौशिश करे। आप अपने माता पिता और Physical Teacher से परामर्श करके अपने घर के आस पास कोई Private Coaching भी ज्वाइन कर सकते हो।

खो -खो  (Kho – Kho)  

तीरंदाजी (Archery )

एथलेटिक्स (Athletics)

बैडमिंटन (Badminton)

बॉक्सिंग (Boxing)

बास्केटबाल (Basketball)

फुटबॉल (Football )

क्रिकेट (Cricket)

जिमनास्टिक्स (Gymnastics)

हॉकी (Hockey)

जूडो (Judo)

कबड्डी (Kabaddi)

शूटिंग (Shooting)

स्विमिंग (Swimming)

वॉलीबॉल (Volleyball)

वेटलिफ्टिंग (Weight Lifting)

रेसलिंग  (Wrestling)

जैसे बहुत से खेल है। जो हमारे देश में खेले जाते है।

सरकार दुआरा स्पोर्ट्स को बढावा देने के लिए स्कूल लेवल तरह तरह की प्रतियोगता का आयोजन किया जाता है। जिसकी अधिक जानकारी के लिए बच्चे अपने Physical Teacher से बात कर सकते है। और नीचे दी गयी websites पर जा कर भी अधिक जानकारी ले सकते है।

Sports Authority of India

Khelo India 

Doe Sports 

खेल कूद में Career के विकल्प  

अगर आप किसी भी Game के अच्छे खिलाडी हो तो आप उस खेल के खिलाडी बनकर अपना और अपने परिवार का नाम रोशन कर सकते हो। लेकिन अगर किसी कारणवश आप बड़े खिलाडी नहीं बन पाते हो और लेकिन आपको उस खेल की अच्छी जानकारी है।  तो भी आप उस खेल में अपना कैरियर बना सकते हो।

स्पोर्ट्स में जॉब्स

Sports Trainer

Coaching

Sports Journalism

Photographer in Sports Field .

Umpire / Referee

ऊपर दिए गए जॉब्स प्रोफाइल्स के लिए आप किसी भी प्राइवेट इंस्टिट्यूट या स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया द्वारा आयोजित की जाने वाली ट्रेनिंग में हिस्सा ले सकते हो।

देश में सभी गेम्स के लिए अलग अलग आर्गेनाईजेशन काम करती है आप उन आर्गेनाईजेशन की वेबसाइट पर जा कर भी अधिक जानकारी ले सकते हो।

भारत सरकार के विभिन्न विभागों में स्पोर्ट्स कोटे के तहत खिलाड़िओ की भर्ती की जाती है। जिससे खिलाडी को एक अच्छा करियर विकल्प मिल जाता है।

Physical Education Teacher In School & College

12 वी क्लास पास करने के बाद विद्यार्थी physical education में डिप्लोमा एवम डिग्री के लिए आवेदन कर सकते है। देश के कई गवर्नमेंट और प्राइवेट कॉलेज में आप physical education के अलग अलग कोर्सेज के बारे में जानकारी ले सकते हो।

उसके बाद स्टूडेंट्स government और private स्कूल में जॉब्स के लिए आवेदन कर सकते है।

फिजिकल एजुकेशन टीचर एक खेल मनोचिकित्सक की भूमिका भी बहुत अच्छी तरह से निभाते है।  किसी भी खिलाडी को अच्छे performance के लिए प्रेरणा एवं प्रोत्साहन की जरुरत पड़ती है  खेल मनोचिकित्सक एक खिलाडी प्रतियोगिता में अच्छा परफॉर्म करने के लिए लगातार प्रेरित करते है। साथ में खिलाडी को motivate भी करते है।

यहाँ पढ़े:: डिजिटल लाइब्रेरी के बारे में 

Yoga in Education 

भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी  ने सयुंक्त राष्ट्र संघ में अपने भाषण के दौरान योग की महत्वता पर प्रकाश डालते हुए योग दिवस मनाए जाने का प्रस्ताव रखा जिसे विश्व की अधिकतर देशो का समर्थन प्राप्त हुआ और सयुंक्त राष्ट्र संघ ने 21 जून को अंतर्राष्टीय योग दिवस घोषित किया

योग धर्म नहीं है।  यह एक साधना हे जिससे हम अपने शरीर की शक्तिओं पर नियंत्रण कर पाते है।  यह स्वंम को पूरी तरह से जानने का एक साधन है। आजकल स्कूल में योगा टीचर की भी भर्ती होती है योग प्रत्येक व्यक्ति एवं बच्चे को शारीरिक , मानसिक और भावनात्मक तौर पर स्वस्थ बनाता है।

यहाँ पढ़े : महेंद्र सिंह धोनी के बारे में 

भारत में स्पोर्ट्स डे

भारत के दिग्गज हॉकी खिलाडी मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष 29 अगस्त को खेल दिवस बनाया जाता है। इस दिन भारत सरकार द्वारा खिलाड़िओं को पुरुस्कृत किया जाता है। खेल के क्षेत्र में दिया जाने वाला सबसे बड़ा पुरुस्कार है।  राजीव गांधी खेल रत्न , दूसरा पुरुस्कार अर्जुन अवार्ड दिया जाता है।

इस साल 74 खिलाडीयो  को स्पोर्ट्स डे वाले दिन पुरुस्कृत किया गया। जिसमे 5 खिलाड़ियों को राजीव गांधी खेल रत्न पुरुस्कार जिसमे रोहित शर्मा (क्रिकेटर ) , विनेश फोगाट (महिला रेसलर ) , मनिका बत्रा (टेबल टेनिस) , रानी रामपाल (हॉकी ) , मरियप्पन टी(पैरा एथलीट)

द्रोणाचार्य अवॉर्ड कोचिंग के क्षेत्र में देश का नाम रोशन करने वाले कोच को नेशनल स्पोर्ट्स  डे वाले दिन दिया जाता है।

 

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