Solar Panel kya hai सोलर पैनल क्या है यह कैसे काम करता है !

बिजली का हमारे जीवन में कितना महत्वपूर्ण रोल है। ये हम सबको पता है। बिना बिजली के आज के समय में जीवन व्यतीत करना असंभव है। लेकिन जिस हिसाब से हमारे देश की जनसंख्या बढ़ रही है। उसके साथ साथ बिजली की माँग में भी लगातार बढ़ रही हैं।  Solar Panel kya hai! yah kaise kaam karta h

बिजली की मांग की पूर्ति करने में इस्तेमाल होने वाली टेक्नोलॉजी से हमारे वातावरण को बहुत नुकसान पहुँच रहा है। बिजली बनाने में इस्तेमाल होने वाली टेक्नोलॉजी जिसमे कोयला को जलाकर बिजली पैदा करना हो या न्यूक्लिअर पॉवर प्लांट में बिजली का उत्पादन करना हो दोनों टेक्नोलॉजी से वायु प्रदूषण बहुत होता है। जो आने वाले समय में मानव जीवन के लिए घातक  साबित हो सकता है।

इसी समस्या से निजात पाने के लिए सोलर पैनल के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है।

 

Solar Panel kya hai (सौलर पैनल क्या है।)

सोलर पैनल छोटे छोटे सोलर सेल (Solar Cell) से मिलकर बना होता है।  ये सोलर सेल सिलिकॉन (Silicon) नाम के रासायनिक तत्व से बनी होती है।रेत के कणों को कार्बन (Carbon)के साथ मिलाकर भट्टी में 2000°C पर गर्म करने पर इसमें से सिलिकॉन नामक रासायनिक तत्व प्राप्त होता है।सिलिकॉन Semiconductor की तरह काम करता है

सेमीकंडक्टर (Semiconductor) :- यह विधुत का सुचालक (Conductor) और कुचालक (Insulator) दोनो तरह से काम करता हैं। जैसे : एक लोहे की  रॉड विधुत की सुचालक (Conductor) होती है।  और लकड़ी या रबर को देखा जाये तो यह विधुत की कुचालक (Insulator) होते है। 

सिलिकॉन को सोलर सेल बनाने के लिए सिलिकॉन में दुसरे रासायनिक तत्व की डोपिंग (Doping) की जाती हैं। जिससे सोलर सेल (Solar Cell )का निर्माण किया जाता है।

  • सिलिकॉन के साथ जब फोस्फोरौस (phosphorous) की ड़ोपिंग की जाती है तो सिलिकॉन में Electron की अधिकता हो जाती हैं जिस कारण सिलिकॉन में free electron की मौदूदगी हो जाती है।

Electron के negative charge की वजह से इसे हम N-type semiconductor कहते है।

  • सिलिकॉन में अलुमुनियम (aluminium) की डोपिंग करने से Electron की कमी रह जाती है जिसके कारण इसमें Hole बन जाते है यह P-Type Semiconductor की तरह काम करता है।

P type semiconductor positive और N type semiconductor negative होते हें।

Solar Panel kaise bante hai (सोलर पैनल कैसे बनते हैं)

सिलिकॉन की परत बहुत पतली होती है। लेकिन इसे तरह से बनाया जाता है। की N type semiconductor सिलिकॉन की सतह के ऊपर की तरफ और  P type semiconductor सतह के नीचे की तरफ रहते है।  इन दोनों परत के बीच में एक depletion layer (Insulator) का निर्माण हो जाता है जो Current (Electron) को आपस में डायरेक्ट बहने से रोक देती है।

जब N type semiconductor layer को सूर्य की रौशनी दुआरा HEAT  दी जाती है। सूर्य की रौशनी में मोदूद PHOTON  N type semiconductor में मौदूद electron को charge कर देते है। जिसके कारण Electron के बहुत छोटे छोटे कण मूव करने की स्तिथि में आ जाते है इसी को हम फोटोवोल्टिक (Photovoltaic) effect भी कहते है।

N type semiconductor (negative) में चार्ज हो चुके Electron को बहने (flow) के लिए कोई भी एक रास्ता तो चाहिये। क्योकि यह depletion layer (Insulator) की वजह से direct negative से  positive में नहीं जा सकते।

Electron को P- type semiconductor की तरफ फ्लो करने के लिए हमे wire का इस्तेमाल करते हैं। जिसमें  Electron फ्लो करने लगते है।

Electron का बहना (flow) करना ही Current कहलाता हें। (Flow of Electron is called Current.)

Electric Wire में बहने वाले current का इस्तेमाल हम बल्ब को जलाने में आसानी से कर सकते है।

solar panel ki jankari (सोलर पैनल की जानकारी  )

सूर्य की रोशनी से चार्ज होने वाली यह सोलर सेल (Solar Panel )बिजली के उत्पादन में मदद करती हैं। सोलर सेल से हमें Direct Current (DC) प्राप्त होता है। इसका इस्तेमाल हम घरो की लाइट को जलाने और FAN चलाने में नहीं कर सकते क्योकि घरों में इस्तेमाल होने वाला बिजली का सामान AC Current पर काम करता है।

DC करंट को AC करंट में बदलने के लिए इन्वर्टर (Inverter) की जरुरत पड़ती हैं।

DC fullform : Direct current

AC fullform : Alternating current

Current को स्टोर करने के लिए हम यहाँ battery का इस्तेमाल करते है।

एक Photovoltaic Solar Cell से हमें 0.5 volt तक ही बिजली प्राप्त होती है

Solar Module

बहुत सारी Solar Cell को मिलाकर एक Solar Module का निर्माण होता है जिसका इस्तेमाल हम घरो में करते है

Solar Panel

Multiple Solar Module को मिलाकर एक Solar panel का निर्माण होता है जिसका इस्तेमाल हम offices , बड़े बड़े घरों में करते है

Solar Array

Multiple Solar panel से मिलकर एक सोलर array का निर्माण होता है जिसका इस्तेमाल हम किसी बड़ी Society , Station , Airport के लिए कर सकते है

Solar Park

Multiple Solar Array से मिलकर बना एक सोलर पार्क बहुत बड़े area में बिजली supply करने में काम आता है।  जैसे : City

Solar energy ke fayde (सोलर एनर्जी के फ़ायदे)

भारत एक कृषि प्रधान देश है गाँव में रहने वालो लोगो की संख्या शहरों में रहने वाले लोगो की संख्या से काफ़ी ज्यादा होने के बाद भी अभी तक देश के कही गांवों में बिजली का कोई साधन नहीं है अगर गाँव में बिजली आती भी है तो बहुत कम समय के लिए आती है लेकिन इस स्तिथि में दिन प्रतिदिन सुधार देखा जा रहा है सोलर ऊर्जा जिसमे बहुत बड़ा रोल अदा कर रही है

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बिजली उत्पादन के लिए सोलर energy की capacity पिछले 5 साल में 226% बड़ी है। सोलर energy का योगदान हमें प्राप्त हो रही बिजली में दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है।  जैसे जैसे टेक्नोलॉजी बढ़ रही है सोलर energy का उत्पादन भी बढ़ रहा है

भारत में प्रतिवर्ष बिजली उत्पादन और बिजली की खपत में बहुत बड़ा अंतर देखने को मिलता है जिसका मतलब है देश में बिजली की खपत बहुत ज्यादा है और बिजली उत्पादन कम हो रहा है इसको दूर करने के लिए भारत सरकार और देश की बड़ी बड़ी कम्पनी जैसे GAIL , BHEL सरकार के साथ मिलकर Solar Power Project को सफल बनाने में प्रयासरत है

सोलर पॉवर प्लांट से एक तरह environment को सुरर्क्षित रख सकते है वही यह देश में रोजगार और इकनोमिक ग्रोथ में भी अपना योगदान दे सकते है

solar panel kya hai अधिक जानकारी के लिए आप सरकार की वेबसाइट पर visit कर सकते हो।

Ministry of New and Renewable Energy

 

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