Water crisis in india पानी का बचत क्यों जरुरी है ? निबंध

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दोस्तों आजकल पूरा विश्व कोरोना महामारी की चपेट है। कोरोना को काबू करने ले लिए डॉक्टर की टीम वैक्सीन बनाने के ऊपर बहुत तेजी से काम कर रही है।  बड़े- बड़े देशों में कोरोना वैक्सीन बनाने के लिए होड़  मची हुई है। हो सकता है अगले कुछ सालो में हम सभी कोरोना महामारी पर विजय प्राप्त कर लेंगे। लेकिन क्या आपको पता है कोरोना महामारी से भी बड़ा ख़तरा हम सभी के सामने मुँह खोले खड़ा हुआ है। यह खतरा है Water Crisis , पीने के पानी की कमी , पानी की बचत क्यों जरुरी है। , पानी की बचत कैसे करे , पानी की बचत के प्रमुख उपाय। 

ध्यान दे : – पानी पृथ्वी पर ऑक्सीजन के बाद दूसरी सबसे बड़ी जरुरत है।

पानी की बचत क्यों जरुरी है ?

दोस्तों जैसे – जैसे दिल्ली या पुरे भारत में गर्मी का प्रकोप बढ़ता जाता है। देश की राजधानी दिल्ली के साथ देश के कई बड़े शहरो में पीने के पानी की किल्लत बढ़ती चली जाती है। यह परेशानी हमें पिछले कई सालों से देखने को मिल रही है।

आप सभी ने अपने घर के आसपास , अखबारों , T .V चैनेलो पर जरूर देखा होगा की कैसे देश के प्रमुख शहरों में पानी के टैंकर से पानी भरने के लिए लम्बी- लम्बी लाइन लगती है। दोस्तों यह हम सभी के लिए आने वाले समय में पानी के लिए होने वाली परेशानी के लिए चेतावनी है।

भारत के प्रमुख मीडिया रिपोर्ट की बात करे तो अगर भारत में water management system को improve नहीं किया गया तो 2022 में देश के 21 शहरों में ground water ख़त्म हो जाएगा। और 2030 तक भारत की 40% जनता के पास पीने के पानी का कोई साधन नहीं होगा।

2020 में चेन्नई जैसे राज्य की रिपोर्ट पूरी तरह से बैचेन करने वाली थी। यहाँ पर ground water केवल 0.2% ही बचा है। 

चेन्नई , तमिलनाडु में साफ पानी water reservoir ,तालाब , lake जिनका इस्तेमाल लोगो को पीने के पानी देने में होता था पूरी तरह सूखने लग गए है। यह हाल हमारे पुरे भारत का है देश के बड़े बड़े शहरो के तालाब , लेक , नदियाँ में पानी का स्तर बहुत कम होने लगा है।

पीने के पानी की कमी को कैसे पूरी करे। water crisis in india

जल ही जीवन है अर्थात जल के बिना जीवन  कल्पना ही नहीं की जा सकती। जल सभी जीवित प्राणियों के लिए महत्वपूर्ण संसाधन है। जो हमारी सभी जरूरत को पूर्ण करता है। पृथ्वी पर लगभग 71 % भाग पानी से घिरा हुआ है। लेकिन इतना जल होने के बाद भी प्राणियों के लिए केवल 3 % पानी ही पीने योग्य है।

भारत में जल संकट water crisis in india

पुरे विश्व में बदलता हुआ Atmosphere जिसके पीछे कई कारण है। जैसे : Climate Change , Environmental destruction  , Less Plantation जिनके कारण मानसून के मौसम में होने वाली बारिश का आना अनियमित हो गया गया है। एक साथ भारी मात्रा में बारिस होने से बाढ़ जैसी स्तिथि पैदा हो जाती है। और फिर लम्बे समय तक बारिश ना होने के कारण सूखा देखने को मिलता है।

बारिश के मौसम में अचानक से होने वाली बारिश का पानी नदियों से होता हुआ समुन्द्र में चला जाता है। सरकार की अनदेखी की वजह से इस पानी का सयोजन ना कर पाना हमारी सबसे बड़ी विफलता में से एक है।

पानी की बचत कैसे करे।

delhi govt 2018 की नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली शहर देश के उन 21 शहरो में से एक है। जहां भूमिगत पानी  (Ground water) के लेवल में बहुत तेजी से कमी आ रही हे। बढ़ती जनसख्या के बीच पानी की demand भी बहुत तेजी से बड़ी हे  जिसके कारण दिल्ली में नलकूप (bore well ) की संख्या में बहुत तेजी से इजाफा हुआ है। दिल्ली में लगभग 20350 गैरकानूनी नलकूप है। जिन पर दिल्ली सरकार ने पहल करते हुए .गवरमेंट की  तरफ से कार्यवाही  की हें .

दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार आज भी दिल्ली में पानी की माँग और दिल्ली जल बोर्ड द्वारा की जाने वाली आपूर्ति में 300 मिलियन गैलन पानी की कमी आती है। ऐसे में दिल्ली वासीओ द्वारा पीने के पानी को waste करना बड़े अपराध से काम नहीं है।

 पीने के पानी का दोहन करते लोग।

दिल्ली में रोजाना देखने को मिलता है।  की लोग कैसे पीने के पानी को बर्बाद कर रहे है। water crisis in india

  • दिल्ली जल बोर्ड के supply किये हुए पानी से वाहन धोना।
  • पीने के पानी का यूज़ छतो और बरामदा को धोने में करना।
  • टंकी के पानी से घरों की दीवारों को धोना।
  • टंकी के भर जाने पर पानी का overflow होना।

ये सभी कृत्य अब अपराध की श्रेणी में आते हे। जिसके लिए अब आपको जुर्माना भी देना पड़ सकता है।

दिल्ली Govt की पहल

एक समझदार दिल्ली वासी होने के नाते अगर आपको किसी भी प्रकार से पानी का दोहन होता हुआ दिख रहा हे तो आप एक फोटो खींचकर उस फोटोग्राफ के साथ दिल्ली जल बोर्ड के ट्वीटर अकाउंट  (@Delhijalboard ) पर शिकायत कर सकते हे। या आप सीधा कंप्लेंट नंबर 1916 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा कर एक जिम्मेदार नागरिक बन सकते है।

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेशानुसार दिल्ली जल बोर्ड द्वारा जारी किये गए आदेश में पहली बार पानी की बर्बादी में अपराधी पाए जाने पर 2000 रुपए का जुर्माना लग सकता है। दुबारा अपराधी पाए जाने पर 5000 रूपए का चालान काटा जायेगा। इसके लिए दिल्ली जल बोर्ड ने Engineering department, Revenue department , और Enforcement department की टीमों का गठन किया है। दिल्ली के सभी जोन में इसके अंतर्गत की गयी कार्यवाही की रिपोर्ट हर हफ्ते submit की जाएगी।

दिल्ली जल बोर्ड के चेयरमैन श्री राघव चड्ढा के अनुसार इससे लोगो में पानी की बर्बादी रोकने को लेकर जारूकता बढ़ेगी। water crisis in india

हम पानी का बचाव कैसे कर सकते हे।

  • RO और वाशिंग मशीन से निकले हुए पानी का इस्तेमाल घरो के बरामदे को धोने में कर सकते है।
  • पानी के पाइप , taps (टंकी ) , toilets में पानी का रिसाब ना होने दे।
  • घरों के ऊपर रखीं टंकी में ओवर फ्लो अलार्म का इस्तेमाल करे।
  • अपने वाहनों को पीने के पानी से बिल्कुल ना धोए।
  • पानी का इस्तेमाल करते समय ध्यान दे की अनावश्यक पानी की बर्बादी ना हो। 

    dosto apko yah post water crisis in india kaise lagi comment box me apni राय दे .

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